प्रकरण में सूखा राहत योजना तहत प्राप्त कुल 16 चेकों के माध्यम से तहसील घोरावल में सरकारी धन 41.50 लााख रुपये का गबन किया गया। योजना के तहत किसानों को सीधे बैंक के माध्यम से खाते में पैसे भेजा जाना था, लेकिन आरोपियों ने शासकीय धन को तहसीलदारों के फर्जी हस्ताक्षर से अपने नाम जारी करके आदेश वाहक के रूप में भुगतान प्राप्त कर गबन किया।
इस मुकदमे में तत्कालीन कानूनगो सहित 4 आरोपियों की संलिप्तता पायी गयी थी। प्रकरण में दोषी पाये गये 3 आरोपियों के खिलाफ पूर्व में विधिक कार्यवाही पूरी करते हुए कोर्ट में चार्जशीट पेश किया गया। वांछित आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी अभियान के तहत वांछित तत्कालीन परिचालन प्रबन्धक इलाहाबाद बैंक और वर्तमान में इंडियन बैंक में विजेन्द्र चौधरी सीनियर मैनेजर है।