अरुण पाठक ने कहा कि मोहम्मद यूनुस के कमान संभालने के बाद से भारत विरोधी मुहिम को हवा देनी शुरू हो गई। धीरे-धीरे इस चिंगारी ने भयानक आग का रूप धारण कर लिया है। शेख हसीना सरकार के पतन के बाद ढाका के पॉलिटिकल कॉरिडोर में चीन और पाकिस्तान की चहलकदमी बढ़ गई है। भारत विरोध में मोहम्मद यूनुस उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जहां बर्बादी के अलावा कुछ नहीं।
पाकिस्तान अपने दशकों पुराने मंसूबों को अंजाम देने में जुट गया है, वहीं चीन भारत के खिलाफ बफर बनाने की कोशिश में है। इस सियासी चाल को हर सनातनी समझ रहा है। आने वाले समय में हम सनातनियों को शठे शाठ्यम समाचरेत् के सूत्र पर चलने को मजबूर ना किया जाए, नहीं तो एक हिंदू युवक के बदले 10 बांग्लादेशी मुस्लिम को चिह्नित कर सबक सिखाने पर मजबूर होना पड़ेगा।