फ्रेंडशिप डे पर हम आपको ऐसे दो दोस्तों की बात बताने जा रहे हैं, जिन्होंने बचपन से जवानी तक साथ पढ़ाई की और अब सात समुंदर पार विदेश तक के दोस्तों को बनारस से जोड़ रखा है। मिजाज के शहर बनारस को दिल में बसाएं विदेश में नौकरी करने वालों को फेसबुक पेज बनारसी इश्क के जरिए बनारस की गलियां घुमाते हैं तो और गंगा घाट की यादों को ताजा करते हैं।
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देखते ही देखते ढाई साल में करीब डेढ़ लाख दोस्त बन गए हैं। कोई ऑस्ट्रेलिया में तो कोई अमेरिका में पेशे से इंजीनियर, बैंकर और बिज़नेस मैन तक है। सब यही बनारस में साथ पले बढ़े और अलग-अलग रहा चुनी। राहें भले ही अलग रही लेकिन दिल हमेशा बनारस के लिए धड़कता रहा है।
गायघाट निवासी रोहित साहनी और वेद प्रकाश दो मित्रों द्वारा शुरू किया गया बनारसी इश्क पेज से बचपन से जवानी तक के सभी दोस्त एक मंच पर है। सबके सुख और दुख में हिस्सा लेते हैं। दोस्तों का यह अड्डा नेक कार्य वर्तमान में अपरिचितों के लिए खून का इंतजाम भी करता है।
किसी को भी ब्लड की जरूरत होती है तो बनारसी इश्क पेज के रक्तदाता सम्बन्धित जरूरत मन्दों के लिए दिन रात नहीं देखते हैं। सोशल मीडिया पर यम दोनों दोस्तों की सराहना भी होती है