बनारसगिरि 5.0 का मुख्य फोकस जीआई टैग उत्पादों और पारंपरिक शिल्प पर है। इसमें कारीगरों की ओर से लाइव डेमोंस्ट्रेशन एवं इंटरैक्टिव वर्कशॉप भी की जा रही हैं। इनमें मिट्टी के बर्तन (पॉटरी), हैंडलूम बुनाई, कालीन निर्माण तथा अन्य पारंपरिक शिल्प की निर्माण प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला।
इस बार भी क्यू-रेटेड फूड स्ट्रीट का आयोजन किया गया है, जहां बनारस के प्रसिद्ध पारंपरिक स्ट्रीट फूड के साथ अन्य व्यंजनों का भी स्वाद लिया जा सकेगा। कार्यक्रम में बच्चों के लिए एक विशेष किड्स जोन भी स्थापित किया गया है, जहां बच्चों के लिए रचनात्मक एवं अनुभवात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
इस अवसर पर छावनी परिषद वाराणसी के मुख्य अधिशासी अधिकारी सत्यम मोहन ने कहा कि बनारसगिरि का उद्देश्य नागरिकों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे बनारस की पारंपरिक शिल्पकला, स्ट्रीट संस्कृति और समृद्ध खानपान परंपरा से जुड़ सकें तथा शहर की सामुदायिक भावना को और सशक्त बना सकें।