आपदा प्रबंधन के लिए वाराणसी में एनडीआरएफ की तैनाती के बाद अब एक और पहल हुई है। सूबे का पहला ‘एडवांस रेस्क्यू टेंडर’ वाराणसी को उपलब्ध कराया गया है। आपदा प्रबंधन में बेहद उपयोगी इस वाहन और उससे जुड़े उपकरणों की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। मुंबई में इसकी उपयोगिता परखे जाने के बाद अग्निशमन विभाग के आग्रह पर यह रेस्क्यू वाहन यहां भेजा गया है।
फायर ब्रिगेड के बेड़े में अभी हफ्ते भर पहले शामिल हुए इस रेस्क्यू वाहन के जरिये वाराणसी जोन के दस जिलों में आपदा प्रबंधन में सहूलियत होगी।
अब आपदा प्रबंधन में फायर ब्रिगेड की भागीदारी और अहम होगी। आग लगने या अन्य प्राकृतिक आपदा, रेल हादसा या कोई भी बड़ी घटना जिसमें एक समूह प्रभावित हो, अब वहां मदद के लिए ‘एडवांस रेस्क्यू टेंडर’
फायर ब्रिगेड की प्रशिक्षित टीम पहुंचेगी। फायर ब्रिगेड कर्मियों को ट्रेंड करने के लिए प्राथमिक स्तर पर तीन दिनी प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। दूसरे चरण का प्रशिक्षण भी जल्द होगा। जरूरत के मुताबिक वाराणसी जोन के दस जिलों वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, आजमगढ़, मऊ, बलिया में इस वाहन को भेजा जाएगा।
खूबियां
जेन सेट युक्त गाड़ी की मदद से 50 मीटर के रेडियस में किसी भी चिह्नित स्थान पर रोशनी की जा सकेगी, 40 टन का वजन उठाने में सक्षम, आपदा प्रबंधन के दौरान भारी वस्तुओं को हटाने में होगी सहूलियत a कांबी टूल्स की मदद से सड़क, छत, लोहे समेत अन्य चीजों में किया जा सकता है छेद , स्मोक सूट की मदद से जहरीले के मिकल से प्रभावित स्थानों तक भी पहुंचा जा सकता है, शासन से फाइबर की बोट भी मिलनी है। बाढ़ राहत में भी मदद की जा सकेगी।