वाराणसी से अप्रत्यक्ष तरीके से हो रहा निर्यात
डीजीएफटी की ओर से जारी पिछले तीन वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी में 2021-22 में 565 करोड़ का निर्यात हुआ। इसके बाद 2022-23 में ये आंकड़ा 555 करोड़ और 2023-24 में 452 करोड़ तक आ पहुंचा। पूर्वांचल निर्यातक संघ के अध्यक्ष रघु मेहरा बताते हैं कि भदोही कारपेट का बड़ा बाजार है। वाराणसी से पिछले पांच वर्षों में अप्रत्यक्ष तरीके से निर्यात हो रहा है। यहां के उत्पाद मेट्रो सिटीज में ले जाकर फिर से गढ़े जा रहे हैं। वाराणसी से निर्यात प्रत्यक्ष न होकर अप्रत्यक्ष तरीके से हो रहा है।
चार जिलों से सालाना 6000 करोड़ से अधिक का निर्यात
वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और भदोही से विदेश में सालाना छह हजार करोड़ से अधिक का निर्यात होता है। इसमें वाराणसी से बनारसी साड़ी, गुलाबी मीनाकारी, लकड़ी के खिलौने, आटा, चावल, हरी सब्जियां, कालीन, ऊन, डीजल, इलेक्टि्रक लोकामोटिव इंजन, कपड़े निर्यात किए जाते हैं। इसी तरह चंदौली से चावल, कोयला, मक्का का दलिया और आटा (कॉर्न), मिश्रित पशु आहार निर्यात होते हैं। भदोही से कालीन, रेशमी दुपट्टे/शॉल आदि निर्यात होते हैं। इसके अलावा मिर्जापुर से जूट के बैग, कालीन, सेला चावल आदि का निर्यात होता है।
प्रमुख जिलों का तुलनात्मक निर्यात (वित्तीय वर्ष 2023-24)
- जिला - प्रमुख निर्यात उत्पाद - कुल वार्षिक निर्यात (करोड़ रुपये में)
- भदोही - हस्तनिर्मित कालीन, रेशमी दुपट्टे, शॉल - 4178.40
- मिर्जापुर - जूट के बैग, कालीन, सेला चावल - 859.13
- चंदौली - चावल, कोयला, मक्का का दलिया, पशु आहार - 556.54
- वाराणसी - बनारसी साड़ी, हस्तशिल्प, लोकोमोटिव इंजन - 452.08
वर्ष - पूर्वांचल में वाराणसी का स्थान - वाराणसी का कुल निर्यात मूल्य
- 2021-22 - पांचवां - 5,65,25,79,800
- 2022-23 - पांचवां - 5,55,53,72,626
- 2023-24 - छठवां - 4,52,08,53,870
वाराणसी और आसपास के जिलों के निर्यातकों को सीधे वैश्विक बाजारों से जोड़ने, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष निर्यात सुनिश्चित करने के लिए एक्सपोर्ट हब योजनाओं के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल ई-कॉमर्स सपोर्ट को और तेज किया जा रहा है। शासन की ओर से दी जाने वाले सुविधाओं से निर्यातकों को जोड़ा जा रहा है। - आकाश वर्मा, सेक्शन हेड, डीजीएफटी।