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प्रदूषण के जाल में फंसा बनारस, एक्यूआई पहुंचा 350

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दीपावली के बाद बनारस की हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। वायु में प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ने से बनारस दो दिनों से रेड जोन में बना हुआ है। हालात यह है कि चिकित्सकों ने बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच बुर्जगों, बच्चों व दमा रोगियों को घरों में रहने की सलाह दी है।
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मंगलवार को बढ़ती ठंड के साथ ही काशी की हवा खराब होती जा रही है। सोमवार के बाद लगातार दूसरे दिन शहर की वायु गुणवत्ता और भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी)के अनुसार, मंगलवार को बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 दर्ज किया गया। बीएचयू और लंका क्षेत्र में भी प्रदूषण का स्तर बेहद खराब है। बीएचयू का एक्यूआई 332 और पीएम 2.5 अधिकतम 372 दर्ज किया गया।
सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक मलदहिया की वायु गुणवत्ता 364, भेलूपुर 346, बीएचयू 332 व अर्दली बाजार की 339 रही। मलदहिया में पीएम 2.5 अधिकतम 396, पीएम 10 अधिकतम 285, कार्बन डाई आक्साइड 110 व नाईट्रोजन आक्साइड 79 रहा। इसी तरह भेलूपुर में पीएम 2.5 अधिकतम 384, पीएम 10 अधिकतम 318, कार्बन डाई आक्साइड 118, नाईट्रोजन आक्साइड 63 रहा। बीएचयू में पीएम 2.5 अधिकतम 372, पीएम 10 अधिकतम 237, कार्बन डाई आक्साइड 97 व नाईट्रोजन आक्साइड 26 रहा। उधर, अर्दली बाजार में पीएम 2.5 अधिकतम 375, पीएम 10 अधिकतम 278, कार्बन डाई आक्साइड 82 व नाईट्रोजन आक्साइड 132 रिकार्ड किया गया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ.कालिका सिंह ने बताया कि शहर में पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। उन्होंने बनारस की जनता से कूड़े नहीं जलाने व निर्माण स्थलों को ढककर रखने की अपील की है।
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