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Exclusive: बनारस के 768 गांवों का होगा अपना स्टार्टअप, भारत में विलेज एंटरप्रेन्योरशिप का मॉडल बनेगी काशी

Fri, 13 Jun 2025 01:58 PM IST
प्रगति चंद हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बनारस देश का पहला जिला होगा जहां के सभी गांव स्टार्टअप से लैस होंगे। इससे जुड़कर ग्रामीण लाभ कमाएंगे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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बनारस के 768 गांवों का अपना एक-एक स्टार्टअप होगा। हर गांव को 10 से ज्यादा नौकरियां मिलेंगी। एक से ज्यादा स्टार्टअप को मिलाकर एक कोऑपरेटिव सोसायटी बनेगी और इनकी डिजिटल मार्केटिंग कराकर बाजार और कंपनियों से जोड़ा जाएगा। 

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इसी पैटर्न पर बनारस देश में विलेज एंटरप्रेन्योरशिप का मॉडल जिला बन जाएगा। साथ ही देश का पहला जिला होगा जहां के सभी गांव स्टार्टअप से लैस होंगे और गांववासी उससे जुड़कर लाभ कमाएंगे। नगर निगम में शामिल नए वार्डों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

बीएचयू के अटल इंक्यूबेशन सेंटर (एआईसी) ने इसकी पूरी योजना तैयार कर ली है और शासन को इसका प्रस्ताव भेज दिया गया है। बीएचयू के सीडीसी भवन स्थित अटल इंक्यूबेशन सेंटर के निदेशक प्रो. पीवी राजीव ने कहा कि एआईसी ने बनारस के 6 गांवों का निरीक्षण भी शुरू कर दिया है। यहां पर किसानों से बातचीत कर उनके व्यापार को विकसित करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। 
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इनमें काशी विद्यापीठ ब्लॉक से अखरी, कुरहुआं और खनाव, पिंडरा ब्लॉक से सराय, गजाधरपुर खुरहुआं और सदर से भट्टी गांव हैं। यहां पर डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, खेती, पशुपालन, मशरूम, मधु मक्खी पालन और शहद, सुअर पालन, बकरी पालन आदि क्षेत्रों में स्टार्टअप खोले जाएंगे।

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बनारस में 768 ग्राम प्रधानों से बातचीत कर उस होनहार और व्यावसायिक मानसिकता वाले व्यक्ति या युवा को बेहतर स्टार्टअप के लिए चयनित किया जाएगा। हर एक युवा उद्यमियों के अंतर्गत 10 से 20 नौकरियां भी आएंगी। एआईसी की ओर से डिजिटल मार्केटिंग कर गांव के इन स्टार्टअप को बड़े बाजार और लॉजिस्टिक कंपनियों के साथ जोड़ा जाएगा।

पूरे ग्राम प्रधानों का बनाया डेटाबेस, बातचीत जारी
प्रो. राजीव ने कहा कि यदि मशरूम उत्पादन शुरू किया तो उससे दो तीन अतिरिक्त व्यापार जुड़ेंगे। ऐसे में 3-4 स्टार्टअप को लेकर कोऑपरेटिव बनाया जाएगा। फिर ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी उसका प्रमोशन करेगी। यही मॉडल पूरे बनारस में अपनाया जाएगा। 759 गांवों के प्रधान का नाम, नंबर और पता आदि का डेटा तैयार कर लिया गया है।

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