बनारस में 768 ग्राम प्रधानों से बातचीत कर उस होनहार और व्यावसायिक मानसिकता वाले व्यक्ति या युवा को बेहतर स्टार्टअप के लिए चयनित किया जाएगा। हर एक युवा उद्यमियों के अंतर्गत 10 से 20 नौकरियां भी आएंगी। एआईसी की ओर से डिजिटल मार्केटिंग कर गांव के इन स्टार्टअप को बड़े बाजार और लॉजिस्टिक कंपनियों के साथ जोड़ा जाएगा।
पूरे ग्राम प्रधानों का बनाया डेटाबेस, बातचीत जारी
प्रो. राजीव ने कहा कि यदि मशरूम उत्पादन शुरू किया तो उससे दो तीन अतिरिक्त व्यापार जुड़ेंगे। ऐसे में 3-4 स्टार्टअप को लेकर कोऑपरेटिव बनाया जाएगा। फिर ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी उसका प्रमोशन करेगी। यही मॉडल पूरे बनारस में अपनाया जाएगा। 759 गांवों के प्रधान का नाम, नंबर और पता आदि का डेटा तैयार कर लिया गया है।