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बलिया हत्याकांड: लखनऊ से गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी धीरेंद्र, वारंट बी के जरिए लाएगी पुलिस

Sun, 18 Oct 2020 01:57 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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हत्याकांड में आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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बलिया के दुर्जनपुर हत्याकांड के मुख्य आरोपी 75 हजार के इनामी धीरेंद्र प्रताप सिंह को रविवार को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले शनिवार की सुबह ही वारदात में नामजद 75-75 हजार के इनामी संतोष यादव और अमरजीत यादव को बलिया पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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बताया जा रहा है कि धीरेंद्र से पूछताछ कर उसे लखनऊ की अदालत में जल्द पेश किया जाएगा। वहीं, धीरेंद्र की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बलिया पुलिस की एक टीम लखनऊ रवाना हो गई है। धीरेंद्र को पुलिस वारंट बी के जरिए बलिया लाएगी और फिर रिमांड में लेकर वारदात के संबंध में पूछताछ करेगी।


हत्याकांड के बाद से वारदात के मुख्य आरोपी भाजपा कार्यकर्ता धीरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए बलिया, मऊ और आजमगढ़ की क्राइम ब्रांच की टीम सहित पुलिस की 12 टीमें लगी हुई थी। इसके बावजूद धीरेंद्र सबको गच्चा देकर बलिया से लखनऊ पहुंचने में सफल रहा।
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हालांकि एसटीएफ को धीरेंद्र चकमा नहीं दे पाया और सर्विलांस व मुखबिरों की सटीक सूचना की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया। धीरेंद्र सिंह पर यूपी पुलिस ने 75 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। अब तक आठ नामजद और करीब 25 अज्ञात आरोपियों में सिर्फ 9 की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बैरिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के साथ धीरेंद्र। - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने धीरेंद्र के भाई नरेंद्र प्रताप सिंह, देवेन्द्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया था। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में हनुमानगंज निवासी मुन्ना यादव, राजप्रताप यादव एवं दुर्जनपुर के राजन तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। डीआईजी आजमगढ़ सुभाषचंद दुबे ने बताया कि आरोपियों पर एनएसए, गुंडा एक्ट और गैंगेस्टर के तहत भी कार्रवाई होगी। संपत्ति भी जब्त की जाएगी।

ये था मामला
बलिया जिले के रेवती थाना इलाके के दुर्जनपुर गांव के पंचायत भवन में गुरुवार को टेंट लगाकर हनुमानगंज और दुर्जनपुर की कोटे की दुकानों के चयन के लिए दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे खुली बैठक की जा रही थी। इसमें चार महिला समूहों ने आवेदन किया था। दुर्जनपुर की दुकान के लिए मां शायर जगदंबा और शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के बीच मतदान की नौबत आ गई।

इस पर एसडीएम सुरेश कुमार पाल, सीओ चंद्रकेश सिंह और एसओ प्रवीण कुमार सिंह ने व्यवस्था बनाई कि जिसके पास आधार कार्ड अथवा अन्य कोई पहचान पत्र होगा, वही वोट कर पाएगा। एक पक्ष के लोग आधार कार्ड लेकर आए थे। दूसरे पक्ष के लोगों के पास पहचान पत्र नहीं था।
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Ballia murder case - फोटो : अमर उजाला
इसी बात पर हंगामा हो गया। स्थिति बिगड़ते देख बीडीओ बैरिया गजेंद्र प्रताप सिंह ने बैठक की कार्यवाही स्थगित कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में तनातनी शुरू हो गई। प्रशासन के विरोध में नारेबाजी हुई। देखते ही देखते ईंट-पत्थर चलने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान धीरेंद्र ने फायरिंग कर दी। इसमें दुर्जनपुर निवासी जयप्रकाश पाल(45) को चार गोलियां लगीं। लोगों ने जयप्रकाश को सीएचसी सोनबरसा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

इसके अलावा ईंट पत्थर और लाठी-डंडों से नरेंद्र सिंह(45), आराधना सिंह(45), आशा सिंह(40), राजेंद्र सिंह(45), अजय सिंह(50) और धर्मेंद्र सिंह(40) गंभीर रूप से घायल हो गए। एसडीएम, सीओ के अलावा मौके पर मौजूद 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में धीरेंद्र समेत आठ नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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