वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता भुुवाल सिंह ने मौखिक आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि आरोपी ने किसी वस्तु को बरामद कराने की बात नहीं कही है। विवेचक द्वारा मनमाने ढंग से इसे अंकित किया गया है। पुलिस कस्टडी रिमांड इसलिए मांगी जा रही है कि आरोपी को अनावश्यक रूप से केस में फंसाया जा सके।
सीजेएम रमेश कुशवाहा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने अनुमति देते हुए कहा कि आरोपी को 22 अक्तूबर को सुबह दस बजे से 24 अक्तूबर सुबह दस बजे तक रिमांड इस शर्त के साथ स्वीकार की जाती है कि आरोपी को रिमांड के पूर्व व न्यायिक अभिरक्षा में दाखिल करने से पूर्व चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। आरोपी चाहे तो रिमांड पर कार्रवाई के दौरान अधिवक्ता रख सकता है जो दूर से कार्रवाई देखेगा पर कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।
ये था मामला :
बलिया जिले के रेवती थाना इलाके के दुर्जनपुर गांव के पंचायत भवन में गुरुवार को टेंट लगाकर हनुमानगंज और दुर्जनपुर की कोटे की दुकानों के चयन को लेकर साढ़े तीन बजे खुली बैठक की जा रही थी। इस दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में तनातनी शुरू हो गई। प्रशासन के विरोध में नारेबाजी हुई। देखते ही देखते ईंट-पत्थर चलने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान मुख्य आरोपी धीरेंद्र की फायरिंग जयप्रकाश पाल(45) की गोली लगने से मौत हो गई। इसके अलावा छह लोग घायल हो गए। इस मामले में धीरेंद्र समेत आठ नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के 72 घंटे के अंदर रविवार को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे से आरोपी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।