पत्रकार रतन सिंह। (फाइल फोटो)
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रतन सिंह के पिता विनोद सिंह ने पुलिस की उस थ्योरी को झूठा करार दिया जिसमें कहा जा रहा था कि यह आपसी विवाद में हत्या हुई है। आईजी ने बताया था कि जमीनी विवाद में एक पक्ष ने भूसा रखा था तो दूसरे पक्ष ने उसी जमीन पर पुवाल लाकर रख दिया। इसी विवाद के बाद गोली चली और पत्रकार रतन सिंह की मौत हो गई।
पिता विनोद सिंह ने का कहना है कि जिस जमीन के बारे में पुलिस बता रही है, वहां जाकर कोई भी देख ले कि पुआल और भूसा रखा गया है या नहीं। उन्होंने कहा पुलिस पूरी तरह से झूठ बोल रही है।
विनोद सिंह का कहना है कि यह आपसी रंजिश में हत्या नहीं है। मामले की सही जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर कई आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि लोकल पुलिस बड़े अधिकारियों को सही जानकारी नहीं दे रही है।
मिली आर्थिक मदद :
पिता विनोद सिंह अपने पत्रकार बेटे रतन सिंह के घर के सामने लाश रोककर धरने पर बैठे थे। एडीएम रामाश्रय ने मांग पत्र लेकर बताया है कि दस लाख नगद व पांच लाख किसान बीमा के तहत तत्काल सहायता दी जाएगी। उन्होंने पत्रकारों की मांग परिवार को 50 लाख और पत्नी को सरकारी नौकरी के मामले में शासन को पत्र लिखने की बात कही है। साथ ही बताया है कि कमिश्नर के निर्देश पर तात्कालिक लाभ के तहत पत्नी को एक माह के अंदर स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी। बाद में शासन के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूरा मामला :
जानकारी के अनुसार, बलिया जिले के फेफना थाना क्षेत्र के फेफना निवासी पत्रकार रतन सिंह का गांव में पुराना मकान है। सोमवार की शाम रतन सिंह अपने पुराने मकान पर गए थे, जहां बदमाशों ने दौड़ा लिया। वहां से वह भागते भागते फेफना के प्रधान सीमा सिंह के घर में घुसे, लेकिन बदमाशों ने घर में घुसकर उनके सिर में गोली मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ, अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार, सीओ सदर चंद्रकेश सिंह, फेफना थानाध्यक्ष शशिमौली पांडेय मौके पर पहुंच गए। उधर, अपर पुलिस महानिदेशक बृज भूषण ने बताया कि रतन सिंह की पट्टीदारी के विवाद में हत्या हुई है। आठ माह से विवाद चल रहा था। इस हत्या का पत्रकारिता से कोई संबंध नहीं है।
छह आरोपी गिरफ्तार:
अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने बताया कि पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें सुशील सिंह, सुनील सिंह, अरविंद सिंह, वीर बहादुर सिंह, दिनेश सिंह और विनय सिंह शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि विनोद सिंह के अनुसार, उनके बेटे रतन सिंह को गांव का ही सोनू सिंह कल रात आठ बजे घर से बुलाकर ले गया था। इस दौरान उसके घर पर पहले से मौजूद लोग लाठी, डंडे और रिवॉल्वर से लैस थे। आरोप लगाया कि इन लोगों ने रतन की हत्या कर दी।
फेफना थाना प्रभारी निलंबित :
इस मामले में फेफना थाना प्रभारी शशि मौली पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। राजीव मिश्रा को नया प्रभारी बनाया गया है। साथ ही कहा कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
सीएम ने लिया संज्ञान :
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही सीएम ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि तत्काल दिए जाने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।