केंद्र और राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2002 से 2005 के बीच बलिया में संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना का क्रियान्वयन किया गया था। योजना के तहत बलिया के विभिन्न गावों में मिटटी, नाली निर्माण, खडंजा निर्माण, पटरी मरम्मत कार्य संपर्क मार्ग निर्माण, पुलिया निर्माण कार्य आदि श्रमिकों का चयन कर कराया जाना था और श्रमिकों को श्रम के बदले खाद्यान्न और नकद भुगतान दिए जाने का निर्देश था।
इसमें जमकर धांधली की गई थी। करोड़ों के घोटाले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी शासन ने ईओडब्लू को सौंपी थी। ईओडब्लू टीम के निरीक्षक अरविन्द कुमार, निरीक्षक विजय प्रकाश यादव ने पूर्व ब्लाक प्रमुख को कचहरी स्थित एसबीआई के पास से गिरफ्तार किया।