शिकायत में यह भी आरोप है कि अभिभावकों को विद्यालय की व्यवस्था देखने के नाम पर हस्ताक्षर कराने की बात बताई गई, जबकि फीस की वसूली दीप प्रकाश नामक पादरी द्वारा कराए जाने का आरोप लगाया गया है। साथ ही बच्चों और अभिभावकों को फीस के संबंध में बाहर बात न करने की हिदायत दिए जाने की भी शिकायत की गई है।
इसके अलावा विद्यालय में दूध और फल की आपूर्ति के नाम पर भुगतान किए जाने, लेकिन वास्तविक रूप से दूध और फल की खरीद नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने पिछले दो वर्षों में आपूर्ति के नाम पर हुए भुगतानों की जांच कराने की मांग की है।
बीएसए ने बीईओ चिलकहर को निर्देश दिया है कि पूरे प्रकरण की जांच कर स्पष्ट आख्या दो कार्यदिवस के भीतर कार्यालय में उपलब्ध कराएं। आईजीआरएस से संबंधित मामला होने के कारण इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने को कहा गया है। पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी भेजी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी चिलकहर हिमांशु सिंह ने बताया कि बीएसए के निर्देश पर शिकायत की जांच शीघ्र कराई जाएगी।