नागरिकों ने कहा कि पुल और एप्रोच मार्ग के निर्माण में यदि किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में बारिश के दौरान दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
पहली बरसात में ही एप्रोच मार्ग के धंसने की घटना से परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब लोगों की नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है।
एसडीएम सदर गोपेश कुमार तिवारी ने बताया कि पुल की मरम्मत कराने के लिए सेतु निगम को पत्र लिखा जा रहा है। एप्रोच मार्ग को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। इसके साथ ही तकनीकी स्तर पर गड़बड़ी की जांच भी कराई जाएगी।