वहां हुई पूछताछ के बाद किशोरी और उसके अभिभावकों को लेकर यह टीम बाल कल्याण समिति के चांदमारी स्थित कार्यालय पहुंची और उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति के सदस्य अखिलेश कुमार तथा शील चंद्र किशोर कुजूर ने मामले की सुनवाई की साथ ही बालिका के घर वालों को बाल विवाह न करने का शपथ पत्र देने को कहा।
साथ ही किशोरी को फिर से 15 दिन के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिला बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी निरूपमा सिंह ने बताया कि किशोरी को कक्षा छह में प्रवेश दिलाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भी प्रेषित किया गया है।