बैंकुठ चतुर्दशी पर काशी विश्वनाथ धाम में जुटे लोग।
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बिदु माधव में मनी बैकुंठ चतुर्दशी
मुख्य मंदिर परिसर में बी गेट सरस्वती द्वार प्रवेश के दाहिनी ओर सत्यनारायण के विग्रह पर शुक्ल यजुर्वेद के पुरुष सूक्त पाठ के उपरांत आरती हुई। मंदिर परिसर में ए गेट गंगा द्वार प्रवेश के दाहिनी ओर विराजमान बद्रीनारायण जी के विग्रह पर विष्णु सहस्त्रनाम पाठ के उपरांत राग-भोग आरती हुई।
पूजन के यजमान मंडलायुक्त रहे। शुभारंभ विधायक नीलकंठ तिवारी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने दीप जलाकर किया। नीरज सिंह ने भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालु भाव विभोर होकर संगीत एवं नृत्य में सहभागी हो कर उत्सव में सम्मिलित हुए।
बिंदु माधव मंदिर में 30 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। भक्तों ने भगवान शिव को तुलसी की माला व विष्णु जी को वेलपत्र चढ़ाया। पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर में कार्तिक मास भर अलग-अलग रूपों में शृंगार व पूजन होता है।
बैकुंठ चतुर्दशी पर बांटे गए औषधीय पौधे
बैकुंठ चतुर्दशी पर प्रबोधिनी फाउंडेशन की ओर से 1001 औषधीय पौधे बांटे गए। पंचगंगा घाट से सिंधिया घाट पर 500 आंवला और श्रीफल के मुरब्बे बांटे गए। तुलसी, गिलोय, पारिजात, श्रीफल, आंवला, नीम, पीपल, सहजन, अर्जुन, जामुन और आम के पौधे दिए गए।