वाराणसी। श्रीमद्भागवत के प्रसिद्ध व्याख्याता पं. श्रीकांत शर्मा बाल व्यास ने शनिवार को कहा कि दुनिया बेगानी है। बदनामी के अलावा कुछ नहीं देती। इससे उम्मीद नहीं पालनी चाहिए।
आस लगाना है तो भगवान कृष्ण से लगाओ। ईश्वर की शरण में ही सुख, शांति और कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। यह संदेश उन्होंने दुर्गाकुंड स्थित धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपस्थली धर्मसंघ में नौ दिनी देवी भागवत पुराण कथा के पहले दिन दिया। आयोजन काशी सत्संग समिति की ओर से किया जा रहा है।
कथा के उद्घाटन के लिए दोपहर बाद दो बजे बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी को पहुंचना था लेकिन वह अपरिहार्य कारणों से नहीं पहुंच सके। इसके बाद बाल व्यास के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक डॉ. श्रीकांत मिश्र ने व्यास पीठ की पूजा के बाद अखंड दीप प्रज्ज्वलित किया।
इसी के साथ देवी भागवत पुराण की संगीतमय कथा शुरू हो गई। बाल व्यास ने पहले दिन देवी भागवत के माहात्म्य पर विस्तार से रोशनी डाली। ज्ञान, भक्ति, वैराग्य की त्रिवेणी में हजारों श्रोताओं ने डुबकी लगाई। कथा सुनने के लिए उमड़ी भीड़ की वजह से वाटर प्रूफ पंडाल खचाखच भर गया था। इस मौके पर धर्मसंघ पीठाधीश्वर शंकर चैतन्य ब्रह्मचारी, दीनानाथ झुनझुनवाला, गोपाल दास अग्रवाल, कमलेश बाजोरिया, अवधेश खेमका, जय किशन केडिया समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।