पारंपरिक पुराने घावों के उपचार की अगर बात करें तो इसमें संपीड़न, वार्मिंग, वैक्यूम-असिस्टेड क्लोजर डिवाइस, सिंचाई आदि है, जो अक्सर घावों को ठीक करने में सफल होती हैं। हालांकि, कई घाव इनसे भी ठीक नहीं हो पाते। जिससे न सिर्फ बार-बार संक्रमण होते हैं, बल्कि ताजा बने रहते हैं। ऐसे में बैक्टीरियोफेज थेरेपी एंटीबायोटिक के लिए उभरता समाधान है।
बैक्टीरियोफेज एमडीआर जीवाणु संक्रमण के उपचार के लिए वैकल्पिक रोगाणुरोधी चिकित्सा के रूप में कई संभावित लाभ प्रदर्शित करते हैं। प्रो. गोपाल नाथ के नेतृत्व में हुए शोध में प्रो. एसके भारतीय, प्रो. वीके शुक्ला, डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. हरिशंकर सिंह, डॉ. देवराज पटेल, राजेश कुमार, डॉ. रीना प्रसाद, सुभाष लालकर्ण आदि हैं।