शिव बरात समिति के संरक्षक दिलीप सिंह, सामूहिक रुद्राभिषेक पीठम् के संरक्षक सुधीरानंद महाराज और भानू मिश्रा ने शनिवार को मारवाड़ी युवक भवन में पत्रकारों को बताया कि बाबा की पालकी यात्रा सारनाथ स्थित श्रेयांसनाथ जन्मस्थली से दोपहर तीन बजे निकलेगी। मार्गों में जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायी भी पुष्पवर्षा कर बाबा की पालकी शोभायात्रा की अगवानी करेंगे। विविध वाद्ययंत्रों की गूंज के साथ बाबा की पालकी यात्रा सारंगनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर समाप्त होगी।
पालकी यात्रा के सारंगनाथ मंदिर पहुंचने के बाद मुख्य अनुष्ठान सामूहिक रुद्राभिषेक शुरू होगा। 501 परिवार मिट्टी के पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर विधि-विधान से पूजन करेंगे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सामूहिक रुद्राभिषेक होगा। उत्सव में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, डुमरांव राजपरिवार, मंत्रियों, मेयर आदि को न्योता दिया गया है। अमेरिका से राजेश कुमार श्रीवास्तव, आयरलैंड से सुरेश चंद्र पाठक और दिल्ली से गौरव कौशिक आदि शामिल होने के लिए आ रहे हैं।
अभिषेक के बाद बाबा विश्वनाथ का अलौकिक शृंगार होगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सारनाथ स्थित सारंगनाथ मंदिर को बाबा विश्वनाथ का ससुराल और ऋषि सारंग (माता पार्वती के भाई) की तपोस्थली माना जाता है। इस मंदिर के गर्भगृह में एक ही अरघे के भीतर दो शिवलिंग स्थापित हैं, जिन्हें जीजा (बाबा विश्वनाथ) और साले (ऋषि सारंग) का प्रतीक माना जाता है। सावन और भाद्रपद के महीनों में यहां पूजन का फल काशी विश्वनाथ के दर्शन के समतुल्य माना गया है।