Varanasi News: गौने के लिए दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ शिक्षा मंडल के महामंत्री पं. जगजीतन पांडेय ने विशेष तौर पर कांजीवरम साड़ी भेंट की है। शिवांजलि के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया काठियावाड़ से आए बाबा के परिधान को वाराणसी के कारीगर विनोद लाल सजा रहे हैं। गौना के लिए महंत आवास पर होने वाले कर्मकांड के दौरान बाबा और गौरा की चल प्रतिमाओं को यही जोड़ा धारण कराया जाएगा।
रंगभरी एकादशी के आयोजन इस बार खास होने जा रहे हैं। 20 मार्च को टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास पर होने वाली गौना बरात के लिए बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा को इस बार काठियावाड़ी खादी परिधान धारण कराए जाएंगे। वहीं, मां गौरा की विदाई कांजीवरम साड़ी में होगी। विदाई के लिए कांजीवरम साड़ी खासकर भेंट की गई है।
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गौना बरात के अनुष्ठानकर्ता पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के पुत्र पं. वाचस्पति ने बताया कि अहमदाबाद (सौराष्ट्र) की रहने वाली कंचन बुच ने बाबा और मां गौरा के गौने के लिए काठियावाड़ी खादी का जोड़ा भिजवाया है। देश के कल्याण की कामना से हल्दी और विदाई की रस्म के लिए जोड़ा लेकर उनकी पुत्री शनिवार को बनारस पहुंचीं।
पं. वाचस्पति ने बताया कि गौने के लिए दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ शिक्षा मंडल के महामंत्री पं. जगजीतन पांडेय ने विशेष तौर पर कांजीवरम साड़ी भेंट की है। शिवांजलि के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया काठियावाड़ से आए बाबा के परिधान को वाराणसी के कारीगर विनोद लाल सजा रहे हैं। गौना के लिए महंत आवास पर होने वाले कर्मकांड के दौरान बाबा और गौरा की चल प्रतिमाओं को यही जोड़ा धारण कराया जाएगा।
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गौरा की हल्दी से शुरू होगा अनुष्ठान
रंगभरी एकादशी महोत्सव का प्रारंभ गौरा की हल्दी से 18 मार्च को आरंभ होगा। रंगभरी एकादशी पर मां गौरा के गौना के पारंपरिक आयोजन से पूर्व गौरा को हल्दी लगाई जाएगी। पूर्व महंत के आवास पर हल्दी के आयोजन 18 मार्च को शाम 6रू45 बजे से शुरू होंगे। 19 मार्च को गौना बरात का आगमन होगा। 20 मार्च को गौरा की विदाई होगी।