दक्षप्रजापति ने उस समय के कैलाश पर जाकर भगवान शिव का तिलक किया था। उसी आधार पर लोक में इस परंपरा का निर्वाह किया जाता है। शहनाई की मंगल ध्वनि और डमरुओं की निनाद के बीच तिलकोत्सव की बधाई यात्रा निकाली जाएगी।
काशी के नागरिकों का समूह तिलक की सामग्री लेकर वसंत पंचमी को टेढनीम स्थित महंत आवास पर पहुंचेगा। तिलकोत्सव के पूर्व बाबा का शृंगार किया जाएगा। सायंकाल सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे।