देसी-विदेशी फूलों से निखरी आभा
बाबा कालभैरव के शृंगार के साथ देसी-विदेशी फूलों, कामिनी की पत्तियों और रंग-बिरंगे विद्युत झालरों से मंदिर परिसर की आभा निखर उठी। मंदिर तक आने वाले मार्गों को आकर्षक रोशनी और विद्युत झालर लगाए गए थे। इस दौरान मंदिर के पूर्व महंत स्व. प्रदीप नाथ उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी गई।