काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव ने रविवार मध्य रात मंदिर बंद होने के बाद कलेवर छोड़ दिया। सोमवार भोर में करीब चार बजे आरती-पूजन करने गए पुजारी को बाबा के कलेवर छोड़ने की जानकारी हुई। इसके बाद आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। पूजन-अर्चन के बाद बाबा के छोड़े गए कलेवर को सविधि गंगा में विसर्जित किया गया।
पुजारी रमेश उपाध्याय और संतोष पांडेय ने बाबा की भोर में आरती की और नूतन वस्त्र धारण कराया। सुबह करीब आठ बजे आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। गौरतलब है कि इससे पहले 26 फरवरी को बाबा काल भैरव ने कलेवर छोड़ा था। पुजारी रमेश उपाध्याय ने बताया कि साल में तीसरी बार बाबा ने अपना कलेवर छोड़ा है।