मौका मिलते ही ऑफिस से भाग निकले बाप-बेटे
आजमगढ़ के एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी को कुछ दिन पहले एक दिन फोन आया और कहा गया कि मैं पूर्व गृह सचिव सर्वेश मिश्रा बोल रहा हूं। बातचीत में एडीएम को कोटे की दुकान की बहाली संबंधित कुछ 'ज्ञान' दिया गया।
कुछ दिन बाद संयोगवश शादी समारोह में एडीएम की मुलाकात पूर्व गृह सचिव सर्वेश मिश्रा से हो गई और उन्होंने ऐसा फोन करने से इनकार कर दिया। मामला एडीएम प्रशासन को समझ में आ गया।
दरअसल, यह फोन अहरौला ब्लॉक के जगदीशपुर गांव के एक व्यक्ति ने किया था जो कोटे की दुकान की बहाली चाहता था। जगदीशपुर ग्राम पंचायत में बजरंगबली शुक्ल की कोटे की दुकान थी जो शिकायत मिलने पर 27 जनवरी को निरस्त कर दी गई।
इसके खिलाफ कोटेदार ने मंडलायुक्त न्यायालय में अपील की जो विचाराधीन है। इस बीच 23 फरवरी को कोटे की दुकान का फिर से आवंटन होना है। बजरंगबली ने 18 फरवरी को पूर्व गृह सचिव सर्वेश मिश्रा के नाम से एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी को फोन कर दुकान का आवंटन रोकने और पुराने कोटेदार के नाम दुकान की बहाली के लिए कहा।
गुरुवार को कोटेदार अपने पुत्र के साथ एडीएम के ऑफिस पहुंचा और पूर्व गृह सचिव के फोन का हवाला दिया। एडीएम प्रशासन ने दोनों को अपने कार्यालय में बैठा लिया और जिला पूर्ति अधिकारी को फोन कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इस बीच मौका मिलते ही पिता-पुत्र वहां से भाग निकले। एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने बताया डीएसओ को मामले में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं।