सपा सरकार के काम गिनाए
करीब 11 मिनट के संबोधन में शिवपाल यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों के साथ किसानों और नौजवानों की समस्याओं पर बात की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 की सपा सरकार और उससे पहले मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकारों में कई महत्वपूर्ण काम किए गए थे। उनकी सरकार में प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्टेडियम बनाने के लिए आदेश जारी किया गया था। किसानों के हित में भी कई बेहतर काम किए गए थे।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कुश्ती प्रतियोगिताओं के घटते चलन पर चिंता जताई। कहा कि गांवों में दंगल की पुरानी परंपरा को बचाए रखने की जरूरत है। इससे युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहन मिलता है और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
शिवपाल यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अंग्रेजी हुकूमत से भी ज्यादा क्रूरता दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि किसानों और नौजवानों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने की जरूरत है, लेकिन सरकार के स्तर पर इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
विधायक डॉ. संग्राम यादव ने कहा कि उनकी पार्टी देश की सत्ता में बैठी सांप्रदायिक ताकतों से लड़ रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर नौजवानों और किसानों का भविष्य चौपट करने तथा बाबा साहब के संविधान को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने पीडीए का अर्थ बताते हुए पार्टी का पक्ष रखा और भाजपा सरकार पर हमला बोला।
20 से अधिक जोड़ियों ने दिखाए दांव-पेच
दंगल प्रतियोगिता में 20 से अधिक जोड़ियों के पहलवानों ने अपने दांव-पेच आजमाए। अयोध्या के आशीष, अभिमन्यु, हाथरस के शिवा, फिरोजाबाद के विक्रम, अरविंद, भोला और नीरज, गाजीपुर के रितेश यादव, मऊ के जितेंद्र तथा कानपुर की खुशी पहलवान सहित कई पहलवानों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
बिहार के राजा यादव टार्जन युवाओं के आकर्षण का केंद्र रहे। कुश्ती में रेफरी की भूमिका विवेक सिंह ने निभाई, जबकि संचालन पहलवान पवन सिंह ने किया। देर शाम तक मुकाबले चलते रहे। विजेता पहलवानों को पुरस्कार और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर विधायक अखिलेश यादव, नफीस अहमद, पूर्व विधायक सुभाष राय, पहलवान संजय सिंह, राम पलट गुप्ता, प्रभुदीन यादव, प्रमुख चंद्रशेखर यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।