देश में हुए कई सीरियल बम धमाकों के मामले में फरार छह संदिग्ध आतंकियों की मदद करने वाले आजमगढ़ के कई लोग अंडरग्राउंड हो गए हैं। आजमगढ़ के सरायमीर थाने में पुलिस के हिस्ट्रीशीट खोलने के बाद वो अंडरग्राउंड हुए हैं। पुलिस और खुफिया विभाग ऐसे लोगों का रिकार्ड खंगालने में जुट गई है।
माना जा रहा कि भूमिगत होने वाले किसी न किसी तरीके से इनकी मदद कर रहे थे। वहीं, संदिग्ध आतंकी जिन गांवों से ताल्लुक रखते हैं, वहां लोग भी परेशान हैं। दिल्ली के बटला एनकाउंटर के बाद भले ही बड़े पैमाने पर सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव के रहने वाले युवकों के नाम की जानकारी हुई।
लेकिन इनसे पहले ही यहां कई समाज विरोधी संगठन सक्रिय रहते हुए अपने मिशन को आगे बढ़ा रहे थे। यहां प्रतिबंधित संगठन सिमी के कई सदस्य और पदाधिकारी रह चुके हैं। हालांकि इनमें से कई ने अपनी दिनचर्या बदल ली, लेकिन अभी भी कई गोपनीय तरीके से सक्रियता बनाए हुए हैं।
खुफिया विभाग की मानें तो सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी डा. शहनवाज, शादाब उर्फ बड़ा साजिद उर्फ जुनैद चिकना, अबू राशिद, राशिद उर्फ सुल्तान, आसिफ, आफताब आदि ने अपने पुराने साथियों के नक्शे कदम पर चलते हुए इस्लामिक मूवमेंट को आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया था। इन लोगों के नाम प्रकाश में आने के बाद से ही सभी फरार हैं।