सूबे के नगर विकास मंत्री आजम खां
सूबे के नगर विकास मंत्री आजम खां ने रविवार को अस्सी घाट पर काशी के संतों की मौजूदगी में हिंदुओं के प्रति अपनापन दिखाया तो गंगा निर्मलीकरण की वकालत भी खूब की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह जब भी वजीर रहे, कभी भी हिंदुओं का दिल नहीं दुखाया। अगर कोई साबित कर दे तो राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी जिंदगी है, इससे हमें कोई अलग नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी के आरोप भी मढ़े। यह बातें उन्होंने ‘गंगा की पुकार’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही।
आजम दिन के करीब 1:20 बजे केदार घाट स्थित श्री विद्यामठ पहुंचे। वहां उन्होंने द्वारका-शारदा, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से बंद कमरे में गुफ्तगू की। इस दौरान उनका हिंदुत्व के प्रति अलग राग दिखा। गंगा को वह बार-बार जिंदगी बता रहे थे। उस दौरान महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा और अयोध्या के संत जन्ममेजय शरण दास भी थे। यहां उन्होंने समर्थकों के साथ दोपहर के भोजन में बाटी, चोखा और दाल भी खाई। इसके बाद अस्सी घाट पहुंचे। यहां आजम ने कहा कि मुसलमानों को बदनाम करने के अलावा कुछ नहीं हो रहा। कहा मैंने जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना की, जहां गरीब बच्चों की पढ़ाई आसान है। जौहर इंस्टीट्यूट खुलने जा रहा है जहां गरीबों का कम पैसे में इलाज हो सकेगा।
आजम ने बताया कि ‘बादशाह’ ने कहा था कि हर साल दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा, आखिर हुआ क्या? कहां गए हर गरीब परिवार के खाते में 20 लाख रुपये देने के वायदे..? आजम ने कहा कि ‘बादशाह’ कभी झूठ नहीं बोल सकता। जो झूठ बोले, वह ‘बादशाह’ नहीं हो सकता। उन्होंने गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाने पर जोर दिया। कहा कि गंगा जिंदगी है, इसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए। अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन शकील अहमद बबलू, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष रिचा सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, हरिचैतन्य ब्रह्मचारी आदि उपस्थित थे।