राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। कहा कि आज जब हम लोग आजादी का 75वां वर्ष मना रहे हैं, तब हम लोगों में से ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं होगा, जो गुलामी की उन हवाओं में सांस लिया हो। आगे कहा कि शायद गुलामी के दौर की व्यथा और पीड़ा को हम महसूस नहीं कर सकते। हम लोगों ने अपने पूर्वजों से सीखा है कि हमें जो चीज को आसानी से मिल जाती है, उसका कोई मूल्य नहीं है। लेकिन उस पीड़ा व प्रश्न को बरकरार रखना चाहिए कि आजादी हमे कैसे मिली।
मंडलायुक्त ने कहा कि पूरे विश्व में भारत के लोकतंत्र का बहुत बड़ा इतिहास है और उसके पीछे भी बहुत बड़ा इतिहास है। उसके पीछे की जो पीड़ा है, उसे हमारी आने वाली पीढ़ी भूल नहीं जाए, इसी उद्देश्य से स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस का महापर्व मनाया जाता है। विभाजन विभीषिका का उल्लेख करते हुए लोगों से कहा कि वे इस वर्ष को आनंद के रूप में अवश्य बनाएं, लेकिन इसके पूर्व संध्या पर भारत का विभाजन हुआ था। उस पीड़ा को भी महसूस करें। इस अवसर पर कमिश्नरी एवं मंडलीय कार्यालयों के अधिकारी/कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कमिश्नरी सभागार में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुत दी। हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने वंदे मातरम का समूह नृत्य, उदय प्रताप इंटर कॉलेज के छात्रों ने चंद्रशेखर आजाद पर नाटक, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने देशभक्ति समूह नृत्य, सुधाकर महिला इंटरमीडिएट कॉलेज की छात्राओं ने "हर घर तिरंगा" कार्यक्रम पर नाटक कर तालियां बटोरीं।
वहीं वल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने योगासन पर कार्यक्रम, कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने राजस्थानी नृत्य, रानी मुरार कुमारी बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने दीपदान नाट्य, संत अतुलानंद कान्वेंट स्कूल के छात्राओं ने "तेरी ममता पर हम मर मिटेंगे-वतन हर घर तिरंगा" विषयक समूह नृत्य तथा सनबीम स्कूल अन्नपूर्णा के छात्र-छात्राओं ने "मिले सुर मेरा तुम्हारा" गायन से मन मोह लिया। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं सहित अध्यापकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।