शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को मुख्यमंत्री जन आरोग्य बीमा योजना के तहत 10292 की सूची जारी की जा सकी है। लेकिन 1870 परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल सका। इस बारे में संबंधित विभाग के अधिकारी स्पष्ट तौर पर तो कुछ नहीं कहते दिख रहे हैं, लेकिन विभागीय सूत्रों की माने तो गरीब परिवार होने के बाद योजना में वंचित ना होने के कई कारण है। जिसमें सर्वे के दौरान कर्मचारियों की लापरवाही, खुद लाभार्थी को योजना के प्रति उदासीन रवैया, आवेदन फार्म में अस्पष्ट जानकारी और नाम के अलावा डाटा फीडिंग ना होना है।
इस बाबत सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि आयुष्मान योजना के तहत चिह्नित लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाया जा रहा है। वंचित लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से सूची आयुष्मान योजना के पोर्टल भी अपलोड की जा चुकी है।
पात्र, लेकिन योजना में नहीं शामिल
मऊ जिले के नियाज मोहम्मदपुरा निवासी राजेश सोनकर बीपीएल कार्ड धारक है। बावजूद वो आयुष्मान योजना से वंचित है। राजेश ने बताया कि आयुष्मान योजना में शामिल होने का प्रयास किया, लेकिन विभाग द्वारा सर्वे में ना होने की बात कही गई। बताया कि योजना में शामिल ना होने से हॉल में पथरी की बीमारी से पीड़ित अपने बेटे शिवा का इलाज ब्याज पर पैैसा लेकर निजी अस्पताल में करा रहा है। वहीं योजना से वंचित कहिनौर गांव निवासी प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि सर्वे में नाम होने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है।