आयुष्मान भारत योजना के पंजीकरण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। इसकी सूची में ऐसे 78 लोगों का नाम दर्ज कर लिया गया, जो इस योजना के लिए पात्र ही नहीं थे। ऐसे में इन लोगों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक रिपोर्ट से हुआ है।
वाराणसी से मंडलीय अस्पताल में जिन 503 लोगों का पंजीकरण कर शासन को भेजा गया था, उसमें ये 78 लोग शामिल थे। योजना के तहत चयनित आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोग हर साल पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा ले सकेंगे।
बनारस में सभी आठों ब्लॉकों में ऐसे 2 लाख परिवारों को इससे जोड़ा जा चुका है, जिनका गोल्डेन कार्ड अस्पतालों और कॉमन सर्विस सेंटर पर बनवाया जा रहा है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में एक महीने के भीतर 503 लोगों का पंजीकरण कर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
शासन स्तर से जांच के बाद अब इसकी जानकारी मंडलीय अस्पताल में आ चुकी है। इसमें महज 425 लोग ही पात्र मिले, जिन्हें गोल्डेन कार्ड जारी किया जाना है।
मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि जिन 78 लोगों का पंजीकरण निरस्त किया गया है। ये वो लोग हैं, जिनके रिकार्ड सही नहीं मिले। बताया कि बाकी सभी का पंजीकरण कर गोल्डेन कार्ड दिया जा रहा है।