प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही जिला अस्पतालों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप से लेकर कैंसर तक की जांच की जा रही है। इसके अलावा आयुष ग्राम भी मनाया जा रहा है। शंकराचार्य ट्रस्ट बंगलूरू के स्वामी आनंद स्वरुप ने कहा कि आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए लोक शिक्षक तैयार करने की योजना है।
इसमें बीएचयू आयुर्वेद संकाय के साथ मिलकर काम किया जाएगा। लोक शिक्षक गांवों में जाकर लोगों को आयुष चिकित्सा पद्धति के साथ ही आयुर्वेद को बढ़ावा देने की अपील करेंगे। जल्द ही औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। संकाय प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार के लिए वेलनेस सेंटर चलाए जाने सहित अन्य कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि संकाय के माध्यम से सभी कार्यक्रम चल रहे हैं, इसमें सभी को जोड़ा जा रहा है। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि आयुर्वेद को बढ़ावा देना समय की मांग है, इस दिशा में बीएचयू में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सराहा। इस दौरान मालवीय मिशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. वेद प्रकाश सिंह, समन्वयक डॉ. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी आदि ने मिशन के माध्यम से किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री विजयनाथ पांडेय ने किया।
व्याख्यान में मंत्री ने दी जानकारी :
- सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष चिकित्सक है।
- 15 हजार आयुष वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। 4500 इसी साल खुलेंगे।
- अधिक से अधिक कॉलेजों में आयुष कोर्स की मान्यता दी जा रही है।
- आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद की स्थापना सभी राज्यों में खोले जाएंगे।
- आयुर्वेद में शोध, सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।