प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आयुष ग्राम की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के 15 जिलों को इसके लिए चयनित किया गया है। इसमें लखनऊ, ललितपुर, बाराबंकी, जालौन, बस्ती, आजमगढ़, हरदोई, अलीगढ़, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, कौशांबी, वाराणसी, मेरठ और मऊ जिले को शामिल किया गया है।
प्रत्येक आयुष ग्राम के लिए शासन ने सात लाख 90 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। यह जानकारी निदेशक आयुर्वेद सेवाएं प्रो. एसएन सिंह ने दी। वह शुक्रवार को बनारस के राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में पूर्वांचल के क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि आयुष ग्राम में मरीजों का डाटा इकट्ठा करने के साथ ही इलाज की सुविधा मिलेगी। गंभीर बीमारी होने पर मरीज को दूसरे अस्पताल में भी रेफर किया जा सकेगा। प्रदेश में सात आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की स्थापना की जानी है। इसमें एक आयुर्वेद अस्पताल शहर दक्षिणी विधानसभा में स्थापित किया जाएगा।
जिला योजना प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए प्रो. सिंह ने प्रदेश में निर्मित अस्पतालों के भवन का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया। शासन की ओर से 17 सितंबर से 25 सितंबर तक आयुष सेवा सप्ताह मनाने की योजना है। इसके लिए प्रत्येक जिला आयुर्वेद अधिकारी को आयुष सेवा सप्ताह एवं स्वास्थ्य मेला लगाने का निर्देश दिए गए।
अस्पतालों को औषधियों की उपलब्धता के लिए दो लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। निजी फार्मेसी द्वारा निर्मित की जा रही आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता के नियंत्रण के लिए जिला आयुर्वेद अधिकारी को प्रदेश स्तर पर 50 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।