सत्र न्यायाधीश डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने युवती से दुष्कर्म के मामले में निलंबित पुरानापुल चौकी प्रभारी संग्राम सिंह यादव की जमानत अर्जी खारिज कर दी। डीजीसी फौजदारी आलोक चन्द्र शुक्ल के मुताबिक आरोपी दारोगा पर आरोप है कि वह सारनाथ क्षेत्र की युवती को जबरन उसके घर से लाकर पांडेयपुर क्षेत्र के एक कमरे में रखकर दुष्कर्म करने के साथ ही मारता पीटता और धमकाता था। युवती उसके चंगुल से भागकर पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद बीते 30 मई को मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी ने पुलिस दबाव बढ़ने पर गुपचुप तरीके से समर्पण कर दिया।
शेष न्यायाधीश (पॉक्सो प्रथम) त्रिभुवन नाथ की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त पवन पांडेय को दोषी पाया और दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 28 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं, एक अन्य आरोपी प्रह्लाद पांडेय को आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष विशेष लोक अभियोजक आदित्य नारायण सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनुज यादव के अनुसार चेतगंज थाना क्षेत्र निवासी वादी ने 17 दिसंबर 2013 को चेतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप था कि उसकी लड़की 12 दिसंबर 2013 को स्कूल गई थी। इसी दौरान अभियुक्त पवन पांडेय, प्रह्लाद पांडेय, गौरी देवी व प्रीति पांडेय उसकी लड़की को बहला-फुसलाकर कहीं भगा ले गए। पुलिस ने विवेचना के दौरान अभियुक्त को गिरफ्तार कर पीड़िता को कब्जे से बरामद किया था। अदालत ने मुकदमे के विचारण के बाद गवाहों के बयान व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अभियुक्त को दोषी पाने पर सजा सुना दी।