इसी मुकदमे में पिछले तिथि को पूर्व विधायक से जिरह का अवसर समाप्त होने के बाद अदालत ने गवाह विजय कुमार पांडेय को जरिये सम्मन अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया था। जिस पर मुकदमे के वादी पूर्व विधायक अजय राय भी गवाह विजय पांडेय के साथ कोर्ट पहुंचे थे।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरी की अदालत ने दहेज हत्या मामले में पति आसिफ शेख को दोषी पाते हुए 10 वर्ष और सास अंजू उर्फ अंजुम, ससुर नाजिम शेख को सात-सात वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। इस दौरान कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों पर 36-36 हजार जुर्माना लगाया है।
एडीजीसी मनीष राय के मुताबिक शिवपुरवा निवासी वादी कमाल शेख ने बहन मुनेफा बीबी की शादी 18 मई 2018 को चौक निवासी अभियुक्त आसिफ शेख के साथ की थी। अभियुक्तगण मेहर की दो लाख रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थेे। इस बीच 20 सितंबर 2018 को जानकारी मिली कि उसकी बहन की मृत्यु हो गई है।
वादी और अन्य लोग ससुराल पहुंचकर मृत्य के कारणों को जानना चाहा तो सभी गाली गलौज करते हुए ससुराल से भगाने लगे। मृतका के गले पर काला निशान और शरीर पर चोट पाए गए। सिगरा थाने में दर्ज मुकदमे में अदालत ने अभियुक्तों को विचारण के बाद दोषी पाया और सजा सुना दी।