इस वजह से शुक्रवार देर शाम उसकी डायलिसिस भी हुई। डॉक्टर उनके होश में आने का इंतजार कर रहे हैं। चिंताजनक हालत को देखते हुए आईएमएस बीएचयू के मेडिसिन विभाग, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी के साथ ही क्रिटिकल केयर से जुड़े डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है।
चिकित्सा संकाय प्रमुख होंगे अध्यक्ष, ऐसी घटना रोकने का सुझाव भी देगी कमेटी : निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि सर्जरी विभाग की एक पीजी छात्रा से संबंधित दुर्भाग्यपूर्ण घटना की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति में चिकित्सा संकाय प्रमुख को अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें सर्जरी विभाग की प्रो. सीमा खन्ना, आईएमएस के डिप्टी चीफ प्रॉक्टर हैं। समिति सभी तथ्यों की जांच करेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुधारात्मक उपायों की सिफारिश भी करेगी
एसपीओ 2 : 100 वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ
इंसुलिन लगाकर सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर सत्या के जान देने के प्रयास की जानकारी मिली है। डॉक्टर को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। वेंटिलेटर सपोर्ट पर उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही है। सत्या के होश में आने के बाद सही कारणों का पता चल पाएगा। - प्रो. एसएन संखवार, निदेश, आई एमएस बीएचयू