Varanasi News: आईएमएस बीएचयू में जूनियर डॉक्टर द्वारा इंसुलिन की ओवरडोज लेने की घटना को लेकर तीसरे दिन साधी जूनियर डॉक्टर विरोध में उतर गए। उन्होंने कहा कि सर्जरी में काम का दबाव अधिक है।
आईएमएस बीएचयू में सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर डॉ. सत्या के इंसुलिन की ओवरडोज लेने की घटना के तीसरे दिन रविवार को जूनियर डॉक्टर विरोध पर उतर आए। रविवार की देर शाम करीब 100 से अधिक डॉक्टर आईएमएस निदेशक कार्यालय पहुंचे और घटना को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर बीएचयू अस्पताल में रेजिडेंट पर काम का दबाव है। अन्य विभागों की तुलना में सर्जरी विभाग में रेजिडेंट पर यह दबाव ज्यादा है।
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सर्जरी विभाग में जूनियर डॉक्टर डॉ. सत्या (25) ने किसी बात से नाराज होकर शुक्रवार को इंसुलिन की ओवरडोज़ ले ली थी। इसके बाद से उनका इलाज शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) की आईसीयू में चल रहा है। डॉ. सत्या की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के तीन दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक वह पूरी तरह से होश में नहीं आ पाई हैं।
बताया जा रहा है कि इंसुलिन की ओवरडोज़ का असर उनके शरीर के कई अंगों पर पड़ा है। निदेशक कार्यालय पर रविवार देर शाम जुटे जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि सोमवार को आईएमएस निदेशक, चिकित्सा संकाय के प्रमुख के साथ ही सर्जरी विभागाध्यक्ष और विभाग के अन्य डॉक्टरों से मुलाकात की जाएगी।
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तीसरे दिन जूनियर डॉक्टर को देखने पहुंचे कुलपति
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी तीसरे दिन रविवार को शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर को देखने पहुंचे। यहां उन्होंने आईसीयू में उसका इलाज करने वाले डाॅक्टरों से बातचीत कर उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।