जनवरी में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले विदेशी अतिथियों की सुरक्षा के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) के कमांडो तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा वाराणसी पुलिस और पीएसी के साथ ही दो कंपनी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स तैनात रहेगी।
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तीन ड्रोन कैमरों और सीसी कैमरों से निगरानी के साथ ही पुलिसकर्मियों को बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस किया जाएगा। सम्मेलन के मद्देनजर आवश्यक उपकरणों की खरीदारी और तैयारियां पूरी करने के लिए जिला पुलिस को तीन करोड़ रुपये की पहली किश्त सरकार की ओर से दी गई है।
प्रदेश सरकार से मिले बजट से जिला पुलिस की ओर से सड़कों के किनारे स्थित थानों, पुलिस चौकियों और पिकेट का कायाकल्प कराया जाएगा। इसके अलावा गंगा घाटों, प्रमुख मंदिरों के आसपास और सारनाथ सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर सीसी कैमरे लगाए जाएंगे।
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प्रवासी भारतीयों के आवागमन के लिए 14 रूट और सात पार्किंग स्थल का चयन करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके अलावा होटल व गेस्ट हाउस के कर्मियों, नाविकों, टूरिस्ट गाइड और ऑटो चालकों के लिए पुलिस लाइन में शिविर लगाकर उन्हें अच्छे व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सम्मेलन के मद्देनजर पुलिस की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस महीने के आखिर तक इन्हें मूर्त रूप दे दिया जाएगा।
पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे कोट-पैंट पहन कर
प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मद्देनजर पुलिस लाइन में एक हजार पुलिसकर्मियों को एएसपी डॉ. अनिल कुमार अच्छे चालचलन और व्यवहार का प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में सीओ पिंडरा सुरेंद्र और सीओ बड़ागांव प्रीति त्रिपाठी सहयोग करेंगी। यह पुलिसकर्मी कोट, पैंट और टाई पहन कर पुलिस हेल्प डेस्क, एयरपोर्ट के बाहर, तीनों कार्यक्रम स्थल, गंगा घाटों, पर्यटन स्थलों और शहर की प्रमुख दुकानों व स्थानों पर तैनात रहेंगे।
प्रवासियों को दिखे गंगोत्री से गंगा सागर तक का भव्य रूप
हस्तकला संकुल में गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा का भव्य रूप फसाड सीन से दर्शाया जाएगा। बीएचयू शिक्षण संस्थान को सीन के जरिए प्रवासियों को बताया जाएगा। 20 से 23 जनवरी तक राजघाट पर गंगा महोत्सव होगा। 42 एकड़ के टेंट सिटी में गोल्ड कार्ड, ई रिक्शा, जिम व योगा, विदेशी मुद्रा एक्सचेंज, एटीएम की भी व्यवस्था होगी।
अफसरों की जिम्मेदारी हुई तय
आवास के लिए वीडीए, सफाई के लिए नगर निगम, यातायात के लिए आरटीओ, सुरक्षा के लिए पुलिस, सड़कों केे लिए लोक निर्माण की जिम्मेदारी तय की गई। 15 जनवरी तक सम्मेलन के लिए सभी तैयारियों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया है।
15वां प्रवासी भारतीय सम्मेलन ‘नए भारत के निर्माण में प्रवासियों की भूमिका’ थीम पर आयोजित होगा। इसमें आने वाले प्रवासियों से संवाद के दौरान भारत के विकास में योगदान के लिए द्विपक्षीय वार्ता भी की जाएगी। एनआरआई राज्यमंत्री स्वाति सिंह ने सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा- प्रवासियों के सामने बदलती काशी के जरिए पूरे भारत की छवि जानी है। ऐसे में एक महीने में तैयारियों को पुख्ता कर लिया जाए। इस दौरान विभागों की भूमिका और समयसीमा भी तय की गई।
एनआरआई राज्यमंत्री ने बुधवार को प्रवासी सम्मेलन के कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया और टेंट सिटी का निर्माण करने वाली फर्म को कॉटेज की अच्छी गुणवत्ता, पानी, सर्दी, हवा प्रूफ बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद मंडलायुक्त सभागार में बैठक में उन्होंने बताया कि सम्मेलन के बाद 24 जनवरी को वाराणसी से इलाहाबाद जाते समय एनआरआई के साथ पुलिस स्कॉट व एंबुलेंस भी रहेगी। कार्यक्रम स्थलों पर जाने को सभी डेलिगेट्स को आई कार्ड जारी किया जाएगा और बाकी लोगों को नियत स्थान के लिए आमंत्रण पत्र होगा।
सम्मेलन के दौरान विशेष रात्रि पेट्रोलिंग और शहर में सफाई अभियान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए प्रायोजित व्यवस्था होगी, मगर प्रवासी शहर घूमने के दौरान पहुंचकर आई कार्ड दिखाएं तो उनके लिए स्पेशल काउंटर से दर्शन की व्यवस्था हो।
राज्यमंत्री ने कहा- भव्य आयोजन की सभी जानकारियां विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड की जाएं, ताकि प्रवासियों को अपडेट किया जा सके। टेंट सिटी से टीएफसी पैदल आने के लिए भी रिंग रोड पर फुट ओवरब्रिज तैयार करने का निर्देश दिया। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि टेंट सिटी में उपयोग की गई किसानों के भूमि का मुआवजा जल्द ही जारी होगा। इस दौरान प्रशासन, पुलिस के साथ सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।