पूर्वांचल में होने वाले मतदान के लिए चुनावी प्रचार चरम पर है। सभी दलों के स्टार प्रचारक विरोधियों पर हमला करने का कोई कसर नहीं छोड़ रहे। वाराणसी में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को एक बार फिर सपा-कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधा।
इसके अलावा दिल्ली के रामजस कॉलेज प्रकरण पर कहा कि यह बहस हमने शुरू नहीं की है। ऐसा साजिशन किया जा रहा है।
गौर करें तो जब दिल्ली का चुनाव था तो कहा गया चर्चों पर आक्रमण हो रहे हैं। बिहार का चुनाव आया तो अवार्ड वापसी शुरू हो गई।
यूपी का चुनाव चल रहा है तो अब राष्ट्रवाद पर विवाद किया जा रहा है। यदि राष्ट्रवाद पर विवाद होगा तो हम बहस के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि तीनों पार्टियों ने अपराधिक छवि के लोगों को राजनीतिक का हिस्सा बनाया। दिखावे के लिए उन्होंने ऐलान तो कर दिया कि अपराधियों को टिकट नहीं देंगे लेकिन बाद में सपा, बसपा ने उन्हें गले लगा लिया।
दोनों पार्टी वोटों का ध्रुवीकरण करने में लगे हैं। यूपी की जनता यह सब देख रही है। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। उनके खिलाफ लोगों में आक्रोश और गुस्सा है। वह विद्रोह की स्थिति में है। विकास के मुद्दे पर जनता भाजपा के पक्ष में है।
भाजपा मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता वित्त मंत्री ने कहा कि सपा और बसपा के सरकार से जनता तंग आ चुकी है और अब विद्रोह के मूड में है। जनता को सामाजिक न्याय की आस भाजपा से है। दोनों राजनीतिक दलों ने जातीय आधार पर समाज को बांटा। एक वर्ग विशेष का वर्चस्व बना रहा।
अपनी राजनीतिक पहचान बनाकर और चुनाव लड़ना। एक दो वर्ग को प्रमुख स्थान देकर शासन तंत्र से बाकी जनता को अलग कर दिया।