निलंबित और गिरफ्तार चंदौली एआरटीओ आरएस
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विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण जितेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित और जेल में निरुद्ध एआरटीओ आरएस यादव के चालक और मौके से गिरफ्तार आरोपी धनजी यादव की जमानत अर्जी शुक्रवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
कोर्ट ने कहा कि आपराधिक साजिश के तहत की जाने वाली वसूली गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी प्राथमिकी में नामजद है। उसे और एआरटीओ के सरकारी चालक को सीओ सदर चंदौली द्वारा वसूली और छिनैती करते रंगे हाथ पकड़ा गया है।
विवेचना जारी है और कई गवाहों ने घटना के समर्थन में आरोपी के खिलाफ बयान दिए हैं। ऐसे में जमानत दिए जाने का कोई आधार नहीं है। रंगदारी भ्रष्टाचार, लूट व बरामदगी के दो मामलों में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की जाती है।
कोर्ट में डीजीसी अनिल सिंह की दलील थी कि आर्थिक अपराध सोच-समझ कर सुनियोजित साजिश के तहत किए जाते हैं। कोर्ट में चकिया सीओ मामले के विवेचक प्रदीप सिंह चंदेल, सहायक शासकीय अधिवक्ता सर्वेंद्र सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता समेत कई अधिवक्ता जुटे थे।
इसके पहले आरएस यादव को पुलिस वाहन से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। फि र धारा 411 में न्यायिक रिमांड बनाने के बाद वापस जेल भेज दिया गया।