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आजमगढ़ के तीन फरार आतंकियों का करीबी है लखनऊ से दबोचा गया नईम

Thu, 30 Nov 2017 02:17 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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terrorist
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लखनऊ से गिरफ्तार किए गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शेख अब्दुल नईम का पूर्वांचल कनेक्शन खंगालने में खुफिया एजेंसियां जुटी हुई हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार महीने भर पूर्व शेख अब्दुल नईम आजमगढ़-जौनपुर और वाराणसी गया था।
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आजमगढ़ निवासी फरार तीन आतंकियों से भी नईम के रिश्ते बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इन्हीं पुराने रिश्तों की वजह से ही स्लीपिंग माड्यूल्स को पूर्वांचल में नए सिरे से खड़ा करने के लिए नईम प्रयासरत था।

खुफिया एजेंसियां नईम से पूछताछ कर इन स्लीपिंग माड्यूल्स के बारे में अहम जानकारियां जुटाने में लगी हुई हैं। खुफिया इकाइयों  के अनुसार महीने भर पहले बनारस में नईम गंगा किनारे के होटलों और धर्मशालाओं में हिंदू नाम और पते के आधार पर 15 से 20 दिन तक ठहरा हुआ था।
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इसी दौरान वह सड़क मार्ग से गोरखपुर होते हुए नेपाल सीमा तक गया और वहां की भी तस्वीरें व वीडियो भी तैयार किया। इस दौरान नईम आजमगढ़ भी जाकर रहा। इसके साथ ही आजमगढ़ और बनारस में मृत हो चुके स्लीपिंग माड्यूल्स को नए सिरे से तैयार किया।

इस संबंध में एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि आतंकी नईम के संबंध में कोई भी आधिकारिक जानकारी सुरक्षा और खुफिया इकाइयों की ओर से नहीं दी गई है। हमारी ओर से पूरी सतर्कता बरती जाती है और खुफिया एजेंसियों के इनपुट को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाकचौबंद किया जाता है।
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कहीं बनारस तो नहीं था निशाने पर

terrorist - फोटो : FILE PHOTO
वर्ष 2014 में मुंबई पुलिस की हिरासत से फरार हुआ नईम हैदराबाद बम धमाके का अहम आरोपी था। फरारी के दौरान उसने देश के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया और भीड़भाड़ वाले महत्वपूर्ण स्थानों की फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान बैठे अपने आकाओं को भेजा।

इसी क्रम में वह बनारस भी आया और अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट व कैंट रेलवे स्टेशन सहित कुछेक अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर गया था। इस दौरान नईम का सर्वाधिक फोकस उन स्थानों पर रहा जहां विदेशी खासतौर से अमेरिका व इजरायल के पर्यटकों  की आवाजाही ज्यादा होती है।

नईम के पास से अस्सी, दशाश्वमेध सहित कुछेक अन्य प्रमुख घाटों की तस्वीरें और वीडियो मिलने से आशंका जताई जा रही है कि कहीं आतंकियों के निशाने पर माघ मेला तो नहीं है। इसे लेकर माघ मेले के मद्देनजर गंगा घाटों पर जुट रहे साधु-संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से कार्ययोजना तैयार की गई है।

स्थानीय अभिसूचना इकाई और थानेदारों को सतर्कता के साथ ड्यूटी कर संदिग्धों की तस्दीक करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही घाट किनारे के पंडों और मल्लाहों से बेहतर समन्वय बनाकर सूचनाओं के आदान-प्रदान की अपील की गई है।
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घाटों पर घूम कर लड़कियों से करता था दोस्ती

ghat - फोटो : अमर उजाला
गंगा घाटों पर घूमने और फोटोग्राफी के दौरान आतंकी अब्दुल नईम शेख ने कुछ लड़कियों से खुद को हिंदू धर्मावलंबी बताते हुए दोस्ती की थी। परिचय के दौरान वह खुद को मल्टीनेशनल कारपोरेट कंपनी का कर्मचारी और शौकिया फोटोग्राफर बताता था।

अपनी महिला मित्रों के साथ दो बार नईम रामनगर किला जाकर भी फोटोग्राफी की थी। खुफिया एजेंसियां इसे लव जेहाद से जोड़कर देख रही हैं। इसके साथ ही बीएचयू परिसर में भी उसके घूमने-फिरने की बातें सामने आई हैं।
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