वाराणसी में दुर्गा विसर्जन को लेकर तैयारियां अभी जमीन पर उतरती हुई दिखाई नहीं दे रही हैं। आलम ये है कि विसर्जन के लिए एनजीटी की गाइड लाइन का पालन होना है और कुंड तैयार नही हैं लिहाजा सवाल उठने लगे हैं कि कैसे होगी व्यवस्था?
एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। इसके लिए 1 कृत्रिम और 11 स्थायी कुंडों को तैयार किया जाना है। इन कुंडों में पूजन सामग्री और अघुलनशील पदार्थ नहीं डाले जाएंगे।
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इसके लिए नगर निगम के मुख्य अभियंता को जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास तैयारियों को मुकम्मल कराने के लिए मात्र आठ दिन ही बचे हैं। कृत्रिम कुंड तैयार करने के साथ इसमें नीचे प्लास्टिक बिछाना होगा। इसके अलावा इसमें गंगा जल भी भरना है।
गंगा किनारे बनने वाले कृत्रिम कुंड तक जाने वाले मार्गों को दुरुस्त करना होगा। आपको बता दें कि दुर्गा विसर्जन की तैयारियों को लेकर अभी तक इंतेजाम पूरे नहीं किए गए हैं लिहाजा जिम्मेदार विभागों पर सवाल है कि आखिर इतने कम दिनों में कैसे होंगी तैयारियां ?