गाजीपुर पहुंचे थल सेनाध्यक्ष, शहीद को दी सलामी
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अपनी तोपों से दुश्मनों के दांत खट्टे कर 1965 के भारत-पाक युद्ध परिणाम को देश के पक्ष में निर्णायक भूमिका निभाने वाले परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की 52वीं बरसी आज सारा देश मना रहा है। थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने शहीद के गांव पहुंची कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
यूपी के गाजीपुर के धामूपुर गांव में आयोजित परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस परर आयोजित कार्यक्रम में सेनध्यक्ष ने शहीद की पत्नी को सम्मानित किया। उन्होंने वीर अब्दुल हमीद को देश का गौरव बताया।
उन्होंने कहा कि इनकी शहादत सेना और देश के युवाओं के लिए एक उदाहरण है। उनकी वीर गाथा युवाओं और सेना में जोश भरता है। बता दें कि गाजीपुर जिले के धामूपुर गांव में परमवीर चक्र विजेता हवलदार अब्दुल हमीद का जन्म एक गरीब परिवार उस्मान खां दर्जी के घर एक जुलाई 1933 को हुआ था। अब्दुल हमीद को बचपन से ही सेना में भर्ती होने का शौक था।
गरीबी के कारण उन्होंने अपने पिता के काम में भी हाथ बंटाना शुरू कर दिया और दर्जी का काम भी सीख लिए। उन्हें खेल-कूद का भी शौक था। अब्दुल हमीद 22 दिसंबर 1954 को बनारस जाकर फौज में भर्ती हो गए।