राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि विश्वविद्यालयों में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। यह अच्छा संकेत नहीं है। इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है। चंद्रशेखर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति पर भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
वहीं, अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलसचिव पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को महमूरगंज स्थित पूजा रेजीडेंसी में मेयर रामगोपाल मोहले की ओर से आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में महामहिम बतौर मुख्य अतिथि काशी के प्रबुद्ध नागरिकों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में भ्रष्टाचार पनपने के ये दो बड़े उदाहरण हैं। इस पर सख्ती के साथ रोक लगानी होगी, तभी पारदर्शी और शैक्षिक वातावरण तैयार होगा। उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि माना जाता है कि राजभवन आराम के लिए है लेकिन ऐसा नहीं है।
तीन साल में अपनी सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए हमने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर नजर रखने के साथ समय-समय पर सरकार को सलाह देने का काम किया। विश्वविद्यालयों में दीक्षांत, सत्र संचालन और परीक्षाओं को समयबद्ध कराने का पूरा प्रयास किया।
विशेषाधिकार के तहत 727 दया याचिकाओं में से 252 कैदियों को रिहाई के आदेश दिए गए। लोकायुक्त से 40 मामले निर्णय के लिए पिछली सरकार को भेजे थे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हालांकि नई सरकार ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वहीं, मेयर ने पगड़ी बांध कर और स्मृति चिह्न देकर महामहिम को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल नैतिक एवं मूल्यों की राजनीति कर विकास के लिए समर्पित रहे। बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि काशी की जनता जिसे स्वीकार करती है, उसका रथ अश्वमेध यज्ञ की तरह पूरे देश में दौड़ता है।
काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पी नाग ने कहा कि हमारे महामहिम उच्च शिक्षा को लेकर काफी चिंतनशील और मनन करने वाले हैं। प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि राज्यपाल को प्रेरणादायक और आदर्श व्यवस्था का परिचायक बताया। इसके पूर्व डालिम्स के विद्यार्थियों ने वंदेमातरम और स्वागत गीत पेश किया।