मां श्रृंगार गौरी मुकदमे की वादिनी सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी ने जिला जज की अदालत से हिंदू धर्म से संबंधित साक्ष्यों को संरक्षित कर जिलाधिकारी को सौंपने का अनुरोध किया था। इसका निस्ताण भी जिला जज की अदालत ने कर दिया। अदालत ने कहा कि इस मामले में पहले ही आदेश दिया जा चुका है। एएसआई सर्वे की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी मुहैया कराएगा। इन साक्ष्यों को जिजाधिकारी सुरक्षित व संरक्षित रखेंगे। जब भी अदालत को जरूरत पड़ेगी, तब जिलाधिकारी साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। यही आदेश इस मामले में प्रभावी रहेगा। अलग से आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं है। दरअसल, साक्ष्यों को सुरक्षित करने का आदेश राखी सिंह की अर्जी पर पहले ही आया था।
मां श्रृंगार गौरी मुकदमे की वादिनी राखी सिंह ने अधिवक्ता सौरभ तिवारी और अनुपम द्विवेदी के जरिये जिला जज की अदालत में 64 पन्ने का प्रार्थना पत्र दिया है। इसके माध्यम से ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने में एएसआई से सर्वे कराने का अनुरोध किया गया है।
इसकी प्रति बृहस्पतिवार को सभी पक्षकारों को उपलब्ध कराई गई। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि पांच अक्तूबर तय कर दी।