कमिश्नरेट में भ्रष्टाचार का सबसे चर्चित मामला नदेसर चौकी इंचार्ज सूर्यप्रकाश पांडेय का रहा, जिसने नकली क्राइम ब्रांच गठित कर 22 जून 2024 में चौक के आभूषण व्यवसायी जयपाल के दो कर्मियों अविनाश और धनंजय से 42.50 लाख रुपये लूट लिए। इस मामले में दरोगा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना ने कमिश्नरेट पुलिस की खूब किरकिरी कराई थी। सारनाथ थाना क्षेत्र में सात नवंबर 2024 की घटना भी लखनऊ तक खूब सुर्खियां बंटोरी। पहड़िया स्थित अपार्टमेंट में जुए के फड़ से 40 लाख रुपये के लूट के मामले में तत्कालीन सारनाथ थानाध्यक्ष परमहंस गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि परमहंस गुप्ता की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। 10 सितंबर 2024 को मड़ौली चौकी प्रभारी अजय कुमार को 25 हजार घूस में एंटी करप्शन ने गिरफ्तार किया था। एक अगस्त 2024 को एंटी करप्शन की टीम ने लंका थाने में महिला रिपोर्टिंग चौकी की प्रभारी अनुभा तिवारी को 10 हजार रिश्वत में गिरफ्तार किया था।