गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी को लालपुर-पांडेयपुर थाने ले गई, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। अब्दुल रहमान अंसारी मूल रूप से जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र के नरहन गांव का निवासी है।
बताया जाता है कि उसने करीब 20 वर्ष पहले सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली थी, जिसके बाद पुलिस विभाग में शामिल हुआ। वर्ष 2006 से वह कैंट थाने में उर्दू अनुवादक (क्लर्क) के पद पर तैनात था। उसकी सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। रिटायरमेंट से ठीक 13 दिन पहले रिश्वत लेते गिरफ्तार होने की घटना पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है। इन दिनों वह लंबित अभिलेखों और विभिन्न रिपोर्टों के निस्तारण का कार्य देख रहा था।
एंटी करप्शन संगठन मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने पहले भी किसी अन्य व्यक्ति से इसी तरह अवैध वसूली की थी या नहीं। यदि जांच में ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो उसके खिलाफ अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।
50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार जीएसटी (राज्य) सेक्टर-6 की उपायुक्त अंबिका सिंह को बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की वाराणसी इकाई ने दादा रेस्टोरेंट के पास 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में बजरडीहा के लखरांव निवासी एवं ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अजय कुमार मौर्य ने सतर्कता अधिष्ठान से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फरवरी 2023 के जीएसटी रिटर्न और राज्य जीएसटी आकलन से संबंधित कंपनी की फाइल के स्पष्टीकरण और निस्तारण के लिए उपायुक्त लगातार 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं। अंबिका सिंह की सेवानिवृत्ति में भी महज चार महीने शेष थे।