टीम ने कहा कि अस्पताल का जायजा लेने के बाद प्रथम दृष्टया अव्यवस्थाएं मिली हैं। जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपेंगे। टीम का मानना है कि अस्पताल में मानवाधिकारों का पालन ठीक तरह से नहीं हो रहा है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। टीम ने हर वार्ड का निरीक्षण किया। एक अधिकारी के लंबे अरसे से तैनात होने के संबंध में भी रिपोर्ट तैयार की गई है।
वहीं, मंगलवार सुबह श्रेया की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य अधीक्षक लिली श्रीवास्तव सहित इलाज करने वाले डॉक्टरों पर अपना गुस्सा निकाला और जमकर हंगामा किया। सूचना पर कैंट थाने के अर्दली बाजार चौकी इंचार्ज तरुण कश्यप पहुंचे और मामले को शांत कराया। बता दें कि हाल ही में बांदा जिले का कैदी हरिशंकर फरार हो गया था तो उसी के बाद एक अस्पताल कर्मी द्वारा बांदा के ही दूसरे कैदी की जमकर पिटाई कर दी गई थी।
पिछले दिनों बांदा से आए कैदी राहुल (26) की मौत हो गई थी। एक ही दिन बाद बस्ती जिले के प्राइवेट मरीज दिलीप मिश्रा (34) की मौत हो गई। वहीं, आजमगढ़ के आए एक अज्ञात की भी मौत हो गई। एक हफ्ते के अंदर चार मौत से अस्पताल की व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा है।
मानसिक चिकित्सालय में लगातार हो रहीं घटनाओं को देख स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. लिली श्रीवास्तव ने अटेंडेंट दुर्गा प्रसाद को सस्पेंड कर दिया है। कर्मचारी के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। बाकायदा नोटिस भी लगाया गया है। हालांकि, कर्मी को गेट पर सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ड्यूटी करने को कहा गया है। ताकि वह अपनी हाजिरी बना सके।
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कहा कि मानसिक चिकित्सालय की व्यवस्थाओं तथा इलाज की गुणवत्ता की जांच के लिए एडीएम प्रोटोकॉल और सीएमओ की जांच समिति गठित की गई है। टीम अस्पताल जाकर सभी बिंदुओं पर जांच करेगी। कोई अनियमितता है तो स्पष्ट करेगी।