फर्जी प्रवेश मामले में एसटीएफ के रडार पर वाराणसी का एक और हॉस्पिटल संचालक है। संचालक से पूछताछ के लिए लखनऊ से आई टीम दो दिनों चक शहर में डेरा डाले रही, लेकिन डॉक्टर भूमिगत हो गया। टीम ने कर्मचारियों से घंटों पूछताछ की।
आयुष कॉलेजों के प्रवेश घोटाले मामले में शहर का एक और हॉस्पिटल संचालक एसटीएफ की लखनऊ इकाई के रडार पर है। भिखारीपुर क्षेत्र स्थित हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर से पूछताछ के लिए एसटीएफ की टीम दो दिन शहर में डेरा डाले रही, लेकिन वह मोबाइल फोन बंद करके भूमिगत रहा। हॉस्पिटल के कर्मचारियों से घंटों पूछताछ और मिर्जापुर के चुनार स्थित कॉलेज का मुआयना करने के बाद एसटीएफ की टीम लखनऊ लौट गई।
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नीट में सफलता के बगैर 982 अभ्यर्थियों का दाखिला आयुष कॉलेजों में कराने के मामले में चार नवंबर 2022 को लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। साथ ही जांच एसटीएफ की लखनऊ इकाई को सौंप दी गई। एसटीएफ की टीम लखनऊ से आकर भिखारीपुर क्षेत्र स्थित एक निजी हॉस्पिटल में घंटों डेरा डाले हुए थी।
टीम ने हॉस्पिटल के संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वह सामने नहीं आया। इस पर एसटीएफ की टीम ने हॉस्पिटल के कर्मचारियों से डॉक्टर के चुनार स्थित कॉलेज के बारे में पूछताछ की। टीम चुनार स्थित कॉलेज भी देखने गई थी। रविवार को एसटीएफ की टीम लखनऊ लौट गई।
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पिछले वर्ष डॉ. ऋतु गर्ग की गई थी गिरफ्तार
आयुष कॉलेजों के प्रवेश में फर्जीवाड़े मामले में सुंदरपुर नेवादा स्थित हॉस्पिटल की संचालक डॉ. ऋतु गर्ग को फरवरी 2023 में एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने गिरफ्तार किया था। बाद में डॉ. गर्ग इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से जमानत पर रिहा की गई थी।