यूपी के चंदौली में पुलिस और पशु तस्करों के खेल ने सात लोगों की जिंदगियां लील ली। जिले के इलिया थाना अतंर्गत इलिया हाटा मार्ग पर मंगलवार की भोर में पुलिस का पीछा करने पर मवेशी लदा डीसीएम (ट्रक) मालदह गांव में सड़क के किनारे स्थित झोपड़ी में घुस गई। इससे झोपड़ी में सो रहे एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मासूम गंभीर रूप से जख्मी हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मान मनौव्वल के बाद दोपहर एक बजे ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया। डीएम ने मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, पांच पांच लाख रुपये मुआवजा देने, भूमि का पट्टा देने और आवास देने की घोषणा की।
वहीं एसपी ने लापरवाही पर इलिया एसओ, हल्का दरोगा और दो कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया चकिया कोतवाल को लाइनहाजिर किया। डायल 100 के चालक होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा। वहीं चकिया सीओ के खिलाफ डीजीपी को पत्र लिखा। इसके बाद दोपहर बाद शव उठाया जा सका।
बिहार सीमा के सटे मालदह गांव निवासी कल्लू मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। भूमिहीन होने के कारण पूरा परिवार सड़क के किनारे मड़ई बनाकर रहता था। सोमवार की रात वह स्वयं सिवान में सोने चला गया जबकि घर में उसकी पत्नी सामा देवी (55), बेटा रामकिशुन (35), रामकिशुन की पत्नी सुदामी (32), रामकिशुन के बच्चे निशा (10), मोनी उर्फ अंजली (06), गोलू (08), मोलू (2), मुन्नी (4) मड़ई में सो रहे थे।
भोर में पांच बजे एक डीसीएम पर गोवंश लादकर तस्कर माल्दह के रास्ते बिहार जा रहे थे। इस बीच डायल 100 पुलिस ने ट्रक का पीछा किया। पुलिस से बचने के चक्कर में सड़क पर बने ब्रेकर पर वाहन असंतुलित हो गया और बिजली के पोल को तोड़ते हुए मड़ई में घुस गई। मड़ई में सो रहे लोगों को रौंदते हुए ट्रक खेत में जाकर फंस गई।
घटना के बाद चालक और तस्कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद मौके पर जुटे लोगों ने मलबा हटाया तो छह लोगों की मौत हो चुकी थी। घटना में बची मोनी उर्फ अंजली और सामा देवी को चकिया जिला संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां सामा देवी की भी मौत हो गई।